Published on: 21 Dec 2025
आईजीयू में विश्व ध्यान दिवस का आयोजन।
इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय, मीरपुर, रेवाड़ी के योग विभाग के द्वारा विश्व ध्यान दिवस को हर्षोल्लास के साथ मनाया। कार्यक्रम में अंग्रेजी विभाग की अध्यक्ष प्रो. रोमिका बत्रा ने भी शिरकत की।
कुलपति प्रोफेसर असीम मिगलानी के कुशल नेतृत्व एवं विभागाध्यक्ष डॉ. श्रुति के मार्गदर्शन में निर्धारित एकेडमिक कैलेंडर के अनुरूप यह कार्यक्रम विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास हेतु आयोजित किया गया।
सहायक प्राध्यापक डॉ. जयपाल सिंह राजपूत ने बताया कि विभाग समय-समय पर शैक्षणिक एवं गैर-शैक्षणिक गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों का शारीरिक, मानसिक एवं आध्यात्मिक विकास सुनिश्चित करता है। डॉ. अमनदीप ने ध्यान की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि दैनिक कार्यों में सचेत रहना सामान्य है, किंतु योग में ध्यान आत्मा का श्रेष्ठ विचारों के सान्निध्य में स्नान है—यह स्वत: घटित होने वाली आध्यात्मिक प्रक्रिया है।
डॉ. धर्मबीर यादव ने विश्व ध्यान दिवस का ऐतिहासिक परिचय देते हुए बताया कि संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 6 दिसंबर 2024 को इसे प्रतिवर्ष 21 दिसंबर को मनाने की घोषणा की। इस दिन का उद्देश्य शारीरिक, मानसिक एवं भावनात्मक स्वास्थ्य को बढ़ावा देना है। श्री प्रवीण कुमार ने बताया कि पृथ्वी के अक्षीय झुकाव के कारण यह उत्तरी गोलार्ध का सबसे छोटा दिन होता है। यह प्रस्ताव संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्यों को साकार करने में सहायक है, जो सभी आयु वर्गों के लिए स्वस्थ जीवनशैली को प्रोत्साहित करता है।
योग प्रशिक्षक श्री अमित कुमार ने सभी को ध्यान के निर्देश दिए, जिनमें उपस्थितजन बड़े उत्साह से सहभागी बने एवं लाभान्वित हुए। विशेष अतिथि प्रोफेसर रोमिका बत्रा ने आशीर्वचन देते हुए कहा, "ध्यान 'वसुधैव कुटुम्बकम्' के संदेश को वैश्विक शांति, सहिष्णुता एवं समग्र कल्याण तक पहुंचाता है। योग अध्ययन का यह अवसर आपको शारीरिक-मानसिक स्वास्थ्य के साथ जीवन सफलता प्रदान करेगा। विद्यार्थी भारत के भविष्य हैं—सबल, स्वस्थ एवं श्रेष्ठ विचारों से युक्त होकर वे श्रेष्ठ भारत की संकल्पना अवश्य साकार करेंगे।"
कार्यक्रम का धन्यवाद ज्ञापन करते हुए डॉ. अमनदीप ने कुलपति, कुलसचिव, विभागाध्यक्ष, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की जिनके सहयोग से यह आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।